ब्लॉगिंग शब्दावली
जब मैंने हिन्दी चिट्ठाजगत में प्रवेश किया था तो मुझे कई हिन्दी शब्दों का अर्थ समझ नहीं आया था, पहला शब्द तो चिट्ठा ही था, इसी प्रकार कड़ियाँ, संजाल, पुरालेख आदि। अतः मेरा विचार है कि हिन्दी चिट्ठाजगत में प्रचलित शब्दों से एक ब्लॉगिंग शब्दावली (Blogging Jargon) बनायी जाए। यह नये चिट्ठाकारों के लिए काफी लाभदायक सिद्ध होगा। मैं इसका श्रीगणेश कर रहा हूँ, समय-समय पर इसमें नये शब्द जोड़ता रहूँगा, कृपया आप भी टिप्पणियों के द्वारा शब्दभंडार बढ़ाने में सहयोग दें, मैं उन्हैं यहाँ जोड़ता रहूँगा। साथ ही गलतियाँ भी बताते रहें। यहाँ पर मैं आधिकाधिक शब्द शामिल करना चाहता हूँ, यह बहस कहीं और करेंगें कि किन शब्दों का प्रयोग हो और किन का नहीं। एक बार अच्छा संग्रह हो जाने पर इसे सर्वज्ञ पर डाल दूँगा।
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पाठकों से प्रश्न:
कृपया निम्न शब्दों की हिन्दी सुझायें
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15 टिप्पणियाँ:
Post - प्रविष्टी
शुभ कार्य हेतु शुभकामनाएँ.
Profile- कर्मकुण्डली
@ संजय बेंग़ाणी,
प्रविष्टि से काम तो चलाया जा सकता है लेकिन असल में प्रविष्टि Entry की हिन्दी होती है।
@ रवि,
सुझाव के लिए धन्यवाद रवि जी, एकबार में लगभग दस तक शब्द इकठ्ठे होने पर उन्हें जोड़ दिया करुँगा।
गुरूदेव (मास्साब मेरे लिए आरक्षित है, पाठशाला बन्द हो गई तो क्या?),
कृपया पाठशाला के लिए नया ब्लोग बनाया जाए.. खिचडी नहीं होगा।
मेरी हाजिरी लगा ली जाए।
@ पंकज बेंगाणी,
अरे पंकज भैया ! आपसे मास्साब की उपाधि छीनने का मेरा न तो कोई इरादा है और न ही मैं इतना योग्य हूँ। मुझे अपनी पंडित जी की उपाधि ही पसंद है। :)
जहां तक अलग ब्लॉग का सवाल है पहले वाले ही चलाने मुश्किल हो रहे हैं, जब से ये चिट्ठा लिखना शुरु किया पंडित जी ने श्रीश के घर में कदम भी नहीं रखा। उधर मकड़ियों के जाले लग गए हैं और भूतों ने डेरा डाल दिया है।
श्रीशजी ऐसे शब्द पहले ही इक्कठे किये जा चुके हैं, आप रवि रतलामी से अनुरोध करें वे पुरे के पुरे भेज देंगे.
कई शब्दो पर अच्छी बहस भी हूई है. सर्वसम्मत शब्द चुने गए हैं.
सब शब्दों को एक जगह सहेज कर आपने इसे उपयोगी बना दिया है।
यहाँ भी देखिये: विशिष्ट शब्दावली
श्रीश जी, यहाँ भी शब्दो का संग्रह रखा गया है: संजाल शब्दकोष
प्रयास अच्छा है, मगर चूँकि ऐसा प्रयास पहले ही एक बार सफल रुप से किया जा चुका है तो उसी को आगे बढ़ाया जाये, उसमें ही नया कुछ जोड़ कर.
-मैंने सुना है आजकल आप नये मास्साब के नाम से जाने जा रहे हो!! :) अब हमारे पंकज की नौकरी गई क्या?? उनकी पाठशाला में तो ताला पहले ही लग गया था, मगर प्राईवेट ट्यूशन तो चालू थी। :)
दिक्कत ये है की हर पहलवान बनने का अभिलाषी अपना अखाडा खोदने लगता है जबकी वर्डक्लास जिमनेशियम पहले से बना हुआ है - सीधे दंड पेलने शुरु करो ना यार! तरकशवाले और ई-पंडित आप दोनो सर्वज्ञ विकी पर ये सारा माल क्यों नही डालते ? :)
वर्डप्रेस और जूमला इस काम के लिए यूं भी उचित अनुप्रयोग नही है साझा सामूहिक साइट को समृद्ध करो जो इसी उद्देश्य से बनी है! विकी बनी हुई है और साझा अक्षरग्राम पर है. बाकी जानकारी के लिए रमण कौल भाई से संपर्क करें.
स्वामीजी मनन करना होगा की पहले से ही उपलब्ध संसाधनो का कितनो को पता है?
नहीं है, तो क्यों नहीं है?
क्या मुहावरों का भी कहीं संग्रह रखा हुआ है, क्योंकि इन दिनो मैं इसी में लगा हुआ हूँ, कहीं मैं समय बरबाद तो नहीं कर रहा.
हिन्दी मुहावरों का संग्रह यहाँ है: Hindi Idioms
@ eSwami,
धन्यभाग हमारे स्वामी जी इसी बहाने आप हमारे यहां तो पधारे !
स्वामी जी, मैं आपसे पूर्ण रुप से सहमत हूँ मैंने पहले खुद भी इस बारे में सोचा है कि कुछ काम सामुदायिक स्तर पर ही होने चाहिए। मैंने इसके लिए कोशिश भी की किंतु सर्वज्ञ जी का आजकल मूड कुछ खराब चल रहा है। इस बारे में मैंने परिचर्चा में भी पूछा था।
अन्य कारणों में एक तो सर्वज्ञ पर कुछ लिखना चिट्ठे पर लिखने की बजाय (काफी) ज्यादा मुश्किल काम है। साथ ही वहां टिप्पणियों की सुविधा तो है नहीं जिससे साथियों की प्रतिक्रिया का पता नहीं चलता। इसके अतिरिक्त अपने चिट्ठे का तो मैं खुद मालिक हूँ लेकिन वहां कुछ गड़बड़ हुई तो संपादक लोग डंडा लेकर पीछे पड़ जायेंगें।
अतः मैंने सोचा कि पहले यहां लिखूँ फिर लेख की बीटा टेस्टिंग हो जाने के बाद उसे सर्वज्ञ पर डाल दिया जाए। हाँ यह अवश्य हो कि सभी चिट्ठाकार अपने-अपने विषय से संबंधित कड़ियाँ अपनी पोस्ट पर दें जैसे मैंने ऊपर दी हैं ताकि पढ़ने वाला अन्य लाभदायक पोस्टों के बारे में भी जान सके। :)
सही काम है श्रीश जी आगे से मेरा भी सहयोग रहेगा
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