Friday, 9 February, 2007

ब्लॉगर हैक - पोस्ट टाइटल हिन्दी में तथा पर्मालिंक इंग्लिश में रखना

Blogger Hack - Post Slug

ये मेरा पहला ब्लॉगर हैक है। वैसे इसे पूरी तरह से हैक तो नहीं कहा जा सकता, पर चूकिं 'जुगाड़' शब्द के लिए इंग्लिश में सर्वथा उपयुक्त 'हैक' ही है अतः मैं इसे यही नाम दूँगा।

वर्डप्रैस.कॉम के पोस्ट एडीटर में एक विकल्प होता है - Post Slug, जिसके प्रयोग द्वारा आप पोस्ट का टाइटल हिन्दी में रखने के बावजूद पर्मालिंक इंग्लिश में रख सकते हैं क्योंकि यदि ऐसा न किया जाए तो हिन्दी में पर्मालिंक लम्बा होने पर 404 एरर आ जाता है। अब ब्लॉगर में पोस्ट टाइटल हिन्दी में होने पर यह पर्मालिंक रखता है: blog-post, इससे एरर तो नहीं आता परंतु ब्लॉगर में Post Slug विकल्प नहीं है।

माना आपकी पोस्ट का नाम है - 'अब याहू ! भी हिन्दी में' तो आपका पर्मालिंक कुछ ऐसा होगा: http://yourblog. blogspot.com/2007/2/blog-post.html

अब Post Slug देने के दो लाभ हैं:

» पर्मालिंक से पोस्ट के विषय का अंदाजा हो जाता है।

अब इस पर्मालिंक से पोस्ट के बारे में कुछ अंदाजा नहीं आता। अक्सर हम कई चिट्ठों पर संदर्भ हेतु दिए गए पोस्टों के लिंक देखते हैं, अब अक्सर हम इन पर माउस रखकर देखते हैं, अब यदि पर्मालिंक उपरोक्त जैसा हो तो पाठक उस पर जाने का अक्सर विचार त्याग देता है।

» पर्मालिंक इंग्लिश में होने पर सर्च रैंक सुधरता है।

सर्च इंजन जैसे गूगल सर्च परिणामों हेतु URL को भी इंडेक्स करते हैं। उपरोक्त पर्मालिंक से गूगल आदि सर्च इंजनों में कोई लाभ नहीं होता। अतः यदि पर्मालिंक सार्थक होगा तो पोस्ट का सर्च रैंक सुधरेगा।

दूसरी ओर यदि पर्मालिंक इस प्रकार हो: http://yourblog. blogspot.com/2007/2/now-yahoo-in-hindi.html

तो इससे पोस्ट के विषय में भी अंदाजा आएगा और सर्च रैंक भी सुधरेगा। मेरी पिछ्ली कुछ पोस्टों की स्टैट रिपोर्ट देखने पर ज्ञात हुआ कि कुछ इनकमिंग लिंक गूगल से सर्च टर्मों यथा Dataone, Hindi आदि द्वारा आए थे।

उदाहरण के लिए यह लाइव डेमो देखिए:

Google Web Search - Type Hindi in Photoshop

Google Blog Search - Type Hindi in Photoshop

यह पोस्ट लिखे जाते वक्त मेरा चिट्ठा गूगल वेब सर्च पर दूसरे नंबर तथा ब्लॉग सर्च पर पहले नंबर पर आ रहा है।

अब चूकिं ब्लॉगर में Post Slug का विकल्प है नहीं तो हम इसके लिए निम्न तरीका अपनाएंगे।

» पहले पोस्ट का टाइटल इंग्लिश में लिखकर उसे प्रकाशित कर दीजिए।

अब चूंकि पर्मालिंक में सीमित मात्रा में शब्द हो सकते हैं, अतः इसमें अधिकाधिक keyword रखिए। माना पोस्ट का टाइटल है: 'अब माइक्रोसॉफ्ट विंडोज विस्टा हिन्दी में भी' तो इसके लिए शीर्षक लिखिए: 'Windows Vista in Hindi. इसके अतिरिक्त बजाय हिन्दी शब्दों को रोमन में लिखने के उनके इंग्लिश समानार्थी लिखिए। माना पोस्ट का शीर्षक है: 'जीमेल बीटा से बाहर' तो बजाय 'gmail beta se bahar' लिखने के 'gmail out of beta' प्रयोग कीजिए। कुल मिलाकर keyword वो प्रयोग कीजिए जो आम इंटरनेट यूजर सर्च हेतु प्रयोग कर सकता हो। ब्लॉगर पोस्ट में पर्मालिंक में अक्षरों की सीमा ३५ है, अतः शीर्षक लंबा होने पर a, in, the, for आदि को छोड़ दें।

» पोस्ट को संपादित कर उसका टाइटल हिन्दी में बदल दीजिए।

प्रकाशित होते ही निम्न विंडो प्रदर्शित होगी।

यहाँ पर Edit Post क्लिक कर पोस्ट एडिट करें, टाइटल बदलकर हिन्दी में करें तथा पुनः पब्लिश कर दें।

अब आपकी पोस्ट का टाइटल तो हिन्दी में होगा तथा पर्मालिंक इंग्लिश में। यह जुगाड़ इस सिद्धांत पर आधारित है कि एक बार पब्लिश जो जाने के बाद ब्लॉगर की पोस्ट में पर्मालिंक नहीं बदलता।

10 टिप्पणियाँ:

Pankaj Bengani ने कहा...

बहुत सही जुगाड है नए मास्साब. आज से ही आजमाया जाएगा.

SHUAIB ने कहा...

ये सारी बातें मुझे उस वक़्त मालूम नहीं थीं जब मेरा ब्लॉग ब्लॉगर पर था। अब तो आप ब्लॉगर पर नए नए तजर्बे करके बहुत सी जानकारीयां दे रहे हैं। और मुझे मालूम है कि पहले भी वर्डप्रेस डाट कॉम पर अपने वर्डप्रेस ब्लॉग और परिचर्चा पर बहुत कुछ लिख चुके हैं। आपकी उस्तादगिरी क़बूल है या फिर पंकज भाई ने जो कहाः नए मास्साब :)

Divine India ने कहा...

बहुत सही जुगाड़ है…पंडित जी!!!
आजमऊँगा!!
वैसे मैं फिर आपका शुक्रिया करना चाहता हूँ जो अपना किमती वक्त मेरे व्लाग को शिफ्ट करने में दिया…u r really a gr8 person...Thnx

Raviratlami ने कहा...

धन्यवाद, आपने यह नई बात बताई. अब से मैं अपने चिट्ठापोस्टों में यही हैक इस्तेमाल करूंगा - क्योंकि ब्लॉगर के हिन्दी चिट्ठों के बिना अर्थ वाले लिंक का तो कोई अर्थ ही नहीं होता है!

Shrish ने कहा...

@पंकज,
बिल्कुल शुरु करो जी, इसी लिए तो क्लास लगाई है।

@शुएब,
शुक्रिया अर्ज है शुएब भाई।

@डिवाइन इंडिया,
बिल्कुल आजमाइए दिव्याभ भाई, आपके ब्लॉग पर देखने आउंगा।

@रविरतलामी,
उत्साह बढ़ाने के लिए शुक्रिया रविजी। दरअसल वर्डप्रैस.कॉम से आने के बाद से ही पोस्ट स्लग की कमी महसूस हो रही थी, वहीं से इस हैक का आइडिया सूझा।

Tushar Joshi ने कहा...

बहुत सही तरक़िब बताइ है भाई। आज से ही इसका उपयोग आरंभ करता हूँ। आपको बधाई।

हरिराम Hariraama ने कहा...

ईपण्डित जी, आभारी रहेंगे सारे चिट्ठाकार आपके! कुछ और हैक-शोध करके ऐसी युक्ति भी सुझाइए कि पहले पोस्ट किए जा चुके चिट्ठों की पर्मालिंक भी बदल कर गलती सुधारी जा सके।

Shrish ने कहा...

@हरिराम,
हरिराम जी, मैं इस विषय में काफी शोध कर चुका हूँ। जहाँ वर्डप्रैस/वर्डप्रैस.कॉम में किसी भी पुरानी पोस्ट का पर्मालिंक बदला जा सकता है वहीं ब्लॉगर में ऐसा विकल्प उपलब्ध नहीं है। हाँ पोस्ट का शीर्षक जितनी मर्जी बार बदला जा सकता है।

लेकिन इसके लिए एक मैनुअल तरीका है। एक नई पोस्ट क्रिएट कीजिए उसमें वांछित पोस्ट को कॉपी पेस्ट कर दीजिए। तारीख पुरानी सैट वाली ही सैट कर दीजिए, तारीख बदलने संबंधी मदद के लिए यह पढ़िए। अब इसे बदले हुए शीर्षक के साथ पुरानी तारीख में पब्लिश कर दीजिए। लेकिन हाँ इस से पहले आपको ब्लॉग की Language English सैट करनी होगी, नहीं तो आज की ही तारीख में पब्लिश हो जाएगा, इस बारे में जानने हेतु यह पोस्ट पढ़ें।

उपरोक्त कार्य करने हेतु निम्न पोस्ट मददगार हो सकती है: वर्डप्रैस.कॉम से ब्लॉगर पर पोस्ट कॉपी करना

यद्यपि यह वर्डप्रैस.कॉम के लिए लिखी गई है लेकिन ब्लॉगर के लिए भी प्रक्रिया समान ही है।

ध्यान दीजिए
लेकिन पर्मालिंक बदलने से एक हानि यह है कि नारद, चिट्ठाचर्चा और अन्य चिट्ठों पर आपकी उन पोस्टों के जो लिंक हैं वो खत्म हो जाएंगे।

Somesh Saxena ने कहा...

shrish ji, thanks for this information. now i will also use this method for permalink in english.

Yatish Jain ने कहा...

अगर हम ऐसा करेन्गे तो एग्रीगेटर पर कोन सा टाइटल दिखेगा, हिन्दी या अन्ग्रेजी

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