Saturday, 14 July, 2007

धोखा हुई गवा रे भईया, ब्लॉगर मीट के चक्कर में

इतने दिनों से इंतजार कर रहा था, रोज सोचता था बस थोड़े ही दिन रह गए हैं ब्लॉगर मीट में। सभी दोस्तों से मिलने का, उन्हें प्रत्यक्ष देखने का बड़ा उत्साह था। 

लेकिन...

ब हू हू, दिमाग खराब हो गया था मेरा। दिमाग में १९ जुलाई था, आज सुबह जब स्कूल में था तो सोच रहा था कि अब कितने दिन रह गए, फिर सोचा यार आज तो शनिवार है और ब्लॉगर मीट शनिवार को थी, अगर आज १४ को शनिवार है तो १९ को कैसे फिर हो सकता है, बस तभी से शक हो गया कि भईया तारीख जरुर गलत याद रह गई।

क्या बताऊँ पूरे दिन स्कूल में पछताता रहा कि एकाध बार कन्फर्म क्यों नहीं किया फिर। घर आकर आखिरी उम्मीद के तौर पर सोचा कि देखूँ कहीं वार गलत न याद रहा हो, पर वो शनिवार ही था और तारीख चौदह जुलाई ही थी। हाय बैठा सोचता रहा कि इतने दोस्तों से मिलने का ऐसा सुनहरा अवसर फिर कब आएगा। औरों से तो फिर भी मिल लेंगे लेकिन जीतू भैया और संजय भैया से कहाँ मिल पाएँगे। फिर संजय भैया से तो मुलाकात शायद हो भी जाए मुलाकात पर जीतू भैया अब कहाँ टकरेंगे भला।

एक बार बहुत पहले भी हुआ था ऐसे जब चंडीगढ़ में एक पेपर था १ अक्तूबर को और मुझे १ नवंबर याद रह गया था।

ऐसी शानदार महा ब्लॉगर मीट में फिर कब जाना हो सकेगा भला।

ब हू हू, ब हू हू, ब हू हू! :( :( :(

19 टिप्पणियाँ:

Pankaj Bengani ने कहा...

गुरूजी आप भूलोगे तो छात्रों पर क्या असर होगा?? :)


अब पछताए होत क्या है जब... ही ही ही


चलो न्यूज़ अपडेट दे देता हुँ:


दिल्ली ब्लोगर मीट सौहार्द पूर्ण माहौल में चल रही है, 18 लिक्खाड मैथीली जी की ऑफिस में डेरा जमाए हुए हैं. अविनाश बाबु और संजय भाई की मुलाकात हो चुकी है, हमारे सवांददाता ने बताया कि दोनों की मुलाकात मैत्रीपूर्ण वातावरण में हुई, दोनो ने एक ही वाहन में सफर भी किया.

आगे का हाल जानने के लिए प्रत्यक्षा करें. समाचार समाप्तः

mahashakti ने कहा...

देर आये दुरूस्‍त आये, :)

पर हम नही आ पायेगें :(

Sanjeet Tripathi ने कहा...

अब पछताए का होत है जब चिड़िया चुग गई खेत!!

एक बात बताओ गुरु, जब गुरुजी ऐसे भुलक्कड़ है तो छात्रों का क्या होगा।

बाय द वे, वो सुंदरी कौन है जिसके चक्कर में आप आजकल सब भूलते जा रहे हैं?

DR PRABHAT TANDON ने कहा...

अब आपको वास्तव मे अशवगन्धा की आवशयकता है :) ( चलो एक मरीज फ़ाँसा :) )

Udan Tashtari ने कहा...

धन्य हो, मास्साब!! छात्रों के भविष्य की चिंता खाये जा रही है.

-खैर, अब जो हो गया सो हो गया. डॉ टंडन से मिल आओ. इलाज का इलाज और बोनस में ब्लॉगर मीट.

Suresh Chiplunkar ने कहा...

ये ब्लॉग लिखने का नशा है या कुछ और, मुझे तो कुछ गड़बड़ लग रही है, संजीत भाई ही सही होंगे, जल्द ही हमें खुशखबरी सुनायेंगे पंडित जी...

उन्मुक्त ने कहा...

अरे क्या ब्लॉगर मीट हुई? ममता जी तो यहां बता रहीं हैं कि यह नहीं हुई। क्या माजरा है?

काकेश ने कहा...

आप को हम्से भी मिलना था.मैं भी इस मीट मे6 3 बजे तक था.जीतु जी नहीं आ पाये..संजय जी पहुंच गये थे...मीट पहले केफे काफी डे फिर मैथिली जी के घर पर चली.हमको निकलना था तो जल्दी निकल गये ..फिलहाल उत्तरांचल में लालकुआ स्टेशन पर ट्रेन के अंदर हैं.. काफी लोग आये थी... 7 बजे किसी चिट्ठाकार को फोन किया तो पता चला कि मीट अभी तक चल रही है..बांकी तो वो लोग बता देंगे...ममता जी का नम्बर किसी के पास नहीं था इसलिये शायद वो नहीं मिल पायी...

काकेश ने कहा...

जल्दीबाजी में लिखा इसलिये वर्तनी की गलतियां माफ करें.. मीटिंग काफी अच्छे वातावरण में हुई ..बाहर से आने वालों में अफलातून जी , घुघुती जी और संजय जी थे..बांकी ब्लॉगर दिल्ली के ही थे.

masijeevi ने कहा...

मास्‍साब साफ बताएं हम पहिलं बता चुके हैं कि शकजीवी हैं और बात हमें गले से उतर नहीं रही पर क्‍या कर सकते हैं-
मतलब जितेंद्र आए नहीं और आप (जैसा कि आप चाहते हैं कि हम विश्‍वास करें कि) भूल गए। इनमें कोई संबंध नहीं...

खैर मीटिंग हुई जमकर हुई...आप आते तो और बेहतर होती। पूरी रपटों की प्रतीक्षा करें।

Sagar Chand Nahar ने कहा...

सुन्दरी का पूरा किस्सा जोशीजी ने आज ही अपने चिठ्ठे पर बता दिया है।
आप तो ऐसे ना थे श्रीश?

ALOK PURANIK ने कहा...

आपको हमने मिस किया।

परमजीत बाली ने कहा...

दिल्ली ब्लोगर मीट की पोस्ट का इन्तजार है हमे तो।

Shrish ने कहा...

@पंकज बेंगानी,

सही कहा जी।

@महाशक्ति,

देर भी कहाँ आए जी।

@संजीत त्रिपाठी,

चैट पर सब हाल बता तो दिए हैं जी कि कौन सुंदरी रही। :)

@डॉ. प्रभात टंडन,

हाँ लगता है आजमाना ही पड़ेगा। :)

@उड़नतश्तरी,

ये तो सही है इलाज के साथ-साथ ब्लॉगर मीट भी हो जाएगी।

@सुरेश चिपलूनकर,

ब्लॉगिंग का नशा तो खैर २४ घंटे रहता है जी, अब तो वो पुराना हो गया, ये तो दूसरा चक्कर हुआ।

@उन्मुक्त,

मीट तो हुई जी बस हम नहीं पहुँच पाए, ममता जी तो दिल्ली में होते हुए भी नहीं पहुँच पाई। :(

@काकेश,

चलो आप मिल तो आए।

@मसिजीवी,

रिपोर्ट की प्रतीक्षा है जी।

@सागर चंद नाहर,

हम्म, स्वास्थ्य लाभ कर रहा हूँ जी, आखिर सौ कविताएँ झेलना कोई छोटा काम है। :)

@आलोक पुराणिक,

सच्ची, छो छ्वीट!


@परमजीत बाली,

हमें भी।

Amit ने कहा...

यार पंडित जी, गोली तो एकदम नई वाली लाए हो, मान गए!! ;) उधर दो दिन पहले तक तो मेरे से मीट की बात कर रहे थे और इधर दो दिन में ही भूल गए?? अब ३-४ बजे तक सुबह जागोगे और फिर स्कूल में उंघोगे तो यही होगा ना!! ;) :P ये अच्छी बात नहीं है!! ;)

Neelima ने कहा...

चलिए आपके दुख को देखकर लगता है कि अगली बार आप नहीं भूलेंगे

mamta ने कहा...

पर आप भूल कैसे गए ????

mamta ने कहा...

और आपके पास तो साबका नम्बर भी था तो कन्फर्म क्यों नही किया।

संजय बेंगाणी ने कहा...

धोखा दिया मास्टर...

हाल की प्रविष्टियाँ