Thursday, 16 August, 2007

गूगल बाबा लाए इण्डिया लैब, ट्रांसलिट्रेशन टूल तथा ऑन-स्क्रीन कीबोर्ड


गूगल बाबा ने स्वतंत्रता दिवस पर भारतवासियों के लिए एक तोहफे की घोषणा की है। पूरी दुनिया में लोग-बाग अनुमान लगा रहे हैं कि यह क्या होगा। वैसे इस बारे जानकारी लीक हो भी चुकी है।

यह तोहफा है - गूगल बाबा की इण्डिया लैब, जिसमें वह भारत तथा भारतीय भाषाओं संबंधी तंत्रों पर कार्य करेंगे।

इसकी शुरुआत भी कर दी गई है। दो औजारों पर काम आरंभ हो चुका है:

गूगल इण्डिक ट्रांसलिट्रेशन

गूगल ने अपनी ब्लॉगर सेवा के हिन्दी ट्रांसलिट्रेशन टूल को अलग से ऑनलाइन टाइपिंग टूल के तौर पर उपलब्ध कराया है। यह पहले से उपलब्ध ढेरों टूल्स से इस मामले में भिन्न है कि यह मशीन लर्निंग तकनालॉजी युक्त है, टाइपकर्ता के हिसाब से अपनी लिप्यांतरण स्कीम निर्धारित करता है, अर्थात रोमनागरी के अभ्यस्तों के लिए सबसे उपयुक्त। इसमें अपेक्षाकृत कम कुँजियाँ दबानी पड़ती हैं।

गूगल ऑनस्क्रीन कीबोर्ड

यह एक गूगल गैजैट है जिससे आप सर्च बॉक्स में ऑनस्क्रीन कीबोर्ड द्वारा टाइप कर सकते हैं। इसे आप अपने iGoogle पेज अथवा गूगल सर्च पेज पर लगा सकते हैं। यह हिन्दी के अतिरिक्त अन्य कई भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है।

इसे जोड़ने के लिए यहाँ जाएँ।

Add to Google बटन पर क्लिक करें जिससे निम्न पेज प्रकट होगा।



See this gadget when you visit Google.com नामक चैकबॉक्स को सक्षम करें तथा Add to Google बटन दबाएँ।

यह iGoogle पेज पर जुड़ जाएगा, सर्च पेज पर अभी यह दिखाई नहीं दे रहा, शायद ऐसा इसलिए है कि अभी यह विकास के चरण में है।

यद्यपि यह एक अच्छा कदम है पर ऑनस्क्रीन कीबोर्ड की बजाय ट्रांसलिट्रेशन टूल जोड़ा जाना अधिक बेहतर होता। साथ ही या तो यह टूल गूगल के भारतीय होमपेज पर डिफॉल्ट रुप से हो या इसे जोड़ने का विकल्प Preferences में हो बजाए कि गैजेट के रुप में जोड़ने के। खैर अभी तो लैब शुरु ही हुई है, उम्मीद है आगे इस तरह की सुविधा मिलेगी।

इस बारे में मैंने पिछले अप्रैल फूल के मौके पर एक विजन प्रस्तुत किया था।



लगता है वह सच होने वाला है। अगर ऐसा हो गया तो हिन्दीजगत धड़ाधड़ फैलता जाएगा।

गूगलदेव भारतीय भाषाओं के प्रति हमेशा से उदार रहे हैं। ब्लॉगर, जीमेल तथा अन्य सभी गूगल सेवाएँ भारतीय भाषाओं के लिए पूर्णतया अनुकूल हैं, साथ ही समय-समय पर एतद संबंधी कई अन्य सुविधाएँ भी प्रदान की जाती रही हैं। फिर अब तो गूगल बाबा ने इस काम के लिए अलग से लैब खोल दी है तो उम्मीद की जाती है कि हिन्दीप्रेमियों को बहुत कुछ हासिल होगा।

कुल मिलाकर अपनी तो मौज है, जय गूगल बाबा की! :)

via मजेदार समाचार

स्क्रीनशॉट्स - गूगल.कॉम से साभार

4 टिप्पणियाँ:

हरिराम ने कहा...

सचमुच के ई-पण्डित हैं आप! बहुत उपयोगी जानकारी देते हैं।

ये दोनों टूल उपलब्ध औजारों से बेहतर हैं। किन्तु इनकी अवधारणा उसी मूलभूत भूल पर आधारित होने के कारण भारतीय भाषाओं के लिए "श्रेष्ठ" तो बिल्कुल ही नहीं, "ठीक" भी नहीं कही जा सकती।

DR PRABHAT TANDON ने कहा...

बहुत ही धाँसू खबर लाये हैं , बधाई!
वैसे एक बात जो मुझे इस पोस्ट के कमेन्ट मे नही पूछनी चाहिये , लेकिन फ़िरभी पूछ रहा हुँ , यह टैग्स वाली पोस्ट से संबधित है। मुझे लगता है कि टैकनोक्रेटस के टैग फ़र्जी होते हैं । आप श्रीश अपनी किसी भी पोस्ट मे दिये गये हिन्दी के टैक्नोक्रेटई टैग को किल्क करके देखिये , वह कोई भी पोस्ट नही दिखायेगा, जबकि आप उस टैग से संबधित प्पोस्ट कर चुके हैं । wordpress.com मे दिये टैग फ़िर भी reliable रहते हैं , कम से कम वह संबधित पोस्ट को तो दिखाते हैं।

संजय तिवारी ने कहा...

हरिराम जी का सवाल सही है. अभी भी हिन्दी में काम करना नये आदमी के लिए झंझट है. मुझे तो एक्सपी में हिन्दी स्थापना करके काम करना सबसे आसान लगा है.

Udan Tashtari ने कहा...

बहुत जानदार खबर लाये हैं, मास्साब. लगे रहिये और सुनाते रहिये. :)

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